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सुधार का संकल्प

  वक्त किसी के लिए नहीं थमता !समय के साथ अपने पड़ाव बदलता रहता है!एक और नये साल ने दस्तक दी है!हालांकि इस पड़ाव परिवर्तन के साथ दैनिक जीवन की वास्तिवकता और चुनौतियां तो नहीं बदलती ,अलबत्ता वक्त की नयी करवट के साथ नई आकांक्षाओ के पंख अवश्य परवान चढ़ते है,जिनमे बेहतरी की उम्मीद बंधी होती है !ऐसे में यदि आप सचमुच नए साल को सार्थक करना चाहते है तो जरूरी है की नए वर्ष की शुरुआत ऐसे करे की पूरा साल अपने पिछले साल की तुलना में नया  बनकर  हमारे जीवन में कुछ नया जोड़े !अन्यथा नये वर्ष के कुछ खास निहितार्थ नहीं रह जायँगे!

वस्तुतः नए वर्ष के स्वागत का अर्थ है एक नयी चेतना,नयी ऊर्जा। एक नया  भाव, एक नया  संकल्प ,नया इरादा ,या कुछ ऐसा नया करने की प्रतिज्ञा ,जो अब तक नहीं किया और कुछ ऐसा छोड़ने का भाव कि जिसके साथ चलना मुश्किल हो गया है !ऐसा करके ही हम नए वर्ष का सच्चे अर्थो में स्वागत कर सकते है!नव वर्ष का मूल उद्देश्य हमारी जड़ता को तोड़कर उसे गतिशील बनाना ही है नया  वक्त एकरसता को भंग करके उनमे एक नया रंग भरता है ताकि हमारी आंतरिक ऊर्जा का अपने पूरे उत्साह से उपयोग हो सके !दुर्भाग्य से  नये वर्ष  का ये अवसर महज औपचारिकताओ की भेंट  चढ़ता जा रहा हैं  !लोग इस अवसर पर सुधारो को आत्मसात करने की बजाय  शुभकामनाये देने ,खाना पीना और मौज मस्ती करने तक सिमट गए है !यदि इस मौज मस्ती से स्वयं में नई ऊर्जा का संचार नहीं होता तो आप को समझ लेना चाहिए कि आपके लिए  नव वर्ष का उत्सव मनाना व्यर्थ है!
नए का अर्थ है सब कुछ नया !जिस प्रकार सर्प अपनी केंचुली छोड़कर एक नया आवरण धारण करता है ,बिल्कुल उसी तरह नए साल में हमें भी अपनी जड़ मानसिकता को छोड़कर नवीन विचारो को अपनाना चाहिए !हमारे  कई  पर्व त्यौहार इसकी प्रेरणा बन सकते है !यानि के जो कुछ व्यर्थ हो चुका है ,उन सबसे पीछा छुड़ाया जाए ताकि नए के लिए जगह निकल सके !ठीक उसी तरह इस नए साल में व्यसन और दूषित मानसिकता जैसे विकारों को तिलांजलि देकर जीवन को सही मार्ग  पर आगे बढ़ाने का संकल्प ले! 

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